पुलिस cell phone को कैसे ट्रैक करती है,पूरी खबर पढ़े

आपने सेल फ़ोन ट्रैक के बारे में जरूर सुना होगा आपने कभी सोचा होगा कि police फ़ोन को कैसे ट्रैक करती है तो आइये जानते है :-

पहले एक बात clear कर दूं कि पुलिस किसी भी सेल फ़ोन को एक exact pin point पर ट्रैक नहीं कर
सकती ।pin point पर ट्रैक करना तभी सम्भव है जब आपके फ़ोन में GPS appilication इनस्टॉल हो और mobile data व GPS on हो तब जाके police आपके फ़ोन को पिन पॉइन्ट पर ट्रैक कर सकती है और आपकी लोकेशन का पता लगा लेगी की आप कहां खड़े है लेकिन ऐसे केसेस में ये सब Requrment पूरा होना नामुमकिन है , ऐसा बहुत ही कम चांस होते है जब Police किसी अपराधी को GPS से ट्रैक कर पता लगाती हो
चलिए अब मान लीजिए कोई अपराधी नोकिया 3310 उपयोग कर रहा है तो अब आप Idea लगाइये की पुलिस अपराधी पिन पॉइंट पर लोकेशन कैसे पता  लगा पाएगी , क्योंकि ऐसे मोबाइल में ना तो इंटरनेटऔर ना ही GPS होता है।
तो ऐसे केसीज में Police इन  साधारण सेल फ़ोन को कैसे ट्रैक करती है।
 तो ऐसे केसेस में police अपराधी द्वारा उपयोग की जाने वाली सिम को track करती है लेकिन Police Criminal की एक दम Pin Point वाली लोकेशन का पता नहीं लगा पाती है जहाँ Criminal खड़ा है , बस Police को एक अनुमान मिल जाता है कि क्रिमनल इस रेंज में है।
Police सेल फ़ोन को ट्रैक करने के लिए Triangulation method को काम में लेती है।
जैसा कि हम जानते है कि फ़ोन में सिम होती है और वो नेटवर्क टावर से कनेक्ट होती है।तो ऐसे में हमे singnal strength  की मदद से एक अंदाज़ा मिल जाता है कि फोन टावर से कितनी distance या range पर है। यह रेंज 2G नेटवर्क के लिये अलग ,3G नेटवर्क के लिये अलग, 4G नेटवर्क के लिये अलग अलग होती है।

मान लीजिए कि police को पता चल गया कि tower से यह जो फ़ोन है उसकी दूरी 1 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यह 1 किलोमीटर टावर के चारो तरफ कहीं भी हो सकता है अगर दोस्तो यहां पर हमारे पास दो टावर की इनफार्मेशन आ जाती है कि यह जो फ़ोन है tower A से 1 किलोमीटर और tower B से 2 किलोमीटर की दूरी पर तो भी हमारे पास कोई एक पॉइन्ट नहीं होगा यहां कई सारे पॉइन्ट होंगे जो उन दो टावर की डिस्टेंस में आते है लेकिन यदि हमारे पास 3 tower की information मिल जाए कि पहले टावर से इतनी दूरी और दूसरे टावर से इतनी दूरी और तीसरे से इतनी दूरी है तो यहां पर एक फिक्स पॉइन्ट या रेंज मिल जायेगी कि फ़ोन इसी रेंज में है।

अब दोस्तों जैसा की मैंने आपको बताया की ये केवल एक रेंज ये कोई सटीकpoint नहीं है। तो दोस्तों एसे मे पुलिस सटीक नही बता सकती कि फ़ोन कहाँ पर है। तब police इस पॉइन्ट रेंज में सर्चिंग करती है।
जैसे कि पुलिस को पता चलता है कि फ़ोन इस एरिया में है जहाँ 20 फ्लैट हैं तो पुलिस exact नही बता सकती कि फ़ोन किस फ्लैट मे है।

कोई भी सुझाव या सवाल नीचे कमेंट कर हमें जरूर बताये।धन्यवाद।

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